• धोखा
    षड्यंत्र
    अपमान
    नर्वस ब्रेकडाउन
    पतन
    शनि ब्रह्माण्डीय न्यायाधीश है. राहु और केतु इसकी न्याय प्रक्रिया के दो उपकरण हैं.
    मानव अपने जीवन में सर्वाधिक कष्ट इन्हीं तीनों से पाता है.
  • मृत्युतुल्य कष्ट
    बेरोजगारी
    बदनामी
    नशाखोरी
    डिप्रेशन
    शनि ब्रह्माण्डीय न्यायाधीश है. राहु और केतु इसकी न्याय प्रक्रिया के दो उपकरण हैं.
    मानव अपने जीवन में सर्वाधिक कष्ट इन्हीं तीनों से पाता है.
  • बीमारी
    भ्रम
    कानूनी उलझनें
    दिशाहीनता
    अवैध संबंध
    शनि ब्रह्माण्डीय न्यायाधीश है. राहु और केतु इसकी न्याय प्रक्रिया के दो उपकरण हैं.
    मानव अपने जीवन में सर्वाधिक कष्ट इन्हीं तीनों से पाता है.

Shani Maharaj

शनि ब्रह्माण्डीय न्यायाधीश है. राहु और केतु इसकी न्याय प्रक्रिया के दो उपकरण हैं. मानव अपने जीवन में सर्वाधिक कष्ट इन्हीं तीनों से पाता है. अच्छी भली चलती जिंदगी को तहस नहस कर देना इन ग्रहों की विशेषता है. ये ग्रह यदि प्रतिकूल हों तो व्यक्ति को मरणांतक पीड़ा देते हैं. इनका स्वभाव पृथकत्ताकारी होता है. व्यक्ति को किसी भी चीज से पृथक कर देना इनका स्वभाव है. ऐसा यह दृष्टि, स्थिति और युति द्वारा करते हैं. यदि आप कष्ट में हैं तो निश्चित ही इन ग्रहों का गोचर अथवा दशांतर आपको प्रभावित कर रहा है. इस स्थिति को जानना और इसका निदान आपके जीवन में खुशियां भर सकता है. यदि व्यक्ति इन ग्रहों की अशुभता से निजात पाकर इनकी शुभता में वृद्धि कर सके तो उसके जीवन में दुखों का अंत हो जायेगा. जन्मकुंडली द्वारा इन ग्रहों का अध्ययन आपकी समस्याओं के निदान में मील का पत्थर साबित होगा.

अचानक पतन, सार्वजनिक अपमान, हानि, षड्यंत्र, मृत्युतुल्य कष्ट, बदनामी, धोखा, बीमारी, पापकर्म में लिप्तता, नीच लोगों की संगती और उनसे कष्ट, अनैतिक संबंध, आजीविका में अवरोध, लक्ष्यहीनता, आरोप, निंदा, जुआबाज़ी, नशाखोरी, कानूनी उलझनें, डिप्रेशन, नर्वस ब्रेकडाउन जैसी किसी समस्या का यदि जीवन में प्रवेश होता है तुरंत कुंडली में शनि, राहु और केतु का विश्लेषण अनिवार्य है. समय रहते यदि इन ग्रहों के पाप प्रभाव का विश्लेषण और निदान कर लिया जाये तो संकट से बचा जा सकता है.

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Rashifal 2017