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बेहतर आजीविका के लिए दान उपाय

आजीविका की चुनौतियों से निबटने के लिए दशमेश की कुंडली में स्थिति और उस स्थिति के अनुरूप दान एक बहुत ही कारगर उपाय है. इस विशेष दान उपाय को करने से दशमेश अत्याधिक बल पाता है और आजीविका पर छाये संकट के बादल छंट जाते हैं.
हिन्दू मान्यता अनुसार सतयुग में ब्रह्म का निवास शब्द में, त्रेता में आकाश में, द्वापर में जल में और कलयुग में अन्न में माना गया है. कलयुग में अन्न दान सबसे बड़ा दान है. इसीलिए इस उपाय के लिए अन्न दान को प्राथमिकता देना आदर्श है.

दशमेश की विभिन्न भाव स्थिति अनुसार दान पदार्थ निम्न प्रकार से हैं –

1. दशमेश प्रथम भाव में – दान पदार्थ : आटे के लडडू, आटे का हलवा, मीठी रोटी, गुड़ रोटी
2. दशमेश द्वितीय भाव में – दान पदार्थ : कढ़ी चावल
3. दशमेश तृतीय भाव में – दान पदार्थ : मूंग दाल हलवा, मूंग दाल बर्फी
4. दशमेश चतुर्थ भाव में – दान पदार्थ : दूध और दूध से बनी सफेद मिठाईयां, खीर
5. दशमेश पंचम भाव में – दान पदार्थ : आटे के देसी घी के लडडू और हलवा, देसी घी पिन्नी,देसी घी पंजीरी
6. दशमेश षष्टम भाव में – दान पदार्थ : मूंग दाल हलवा, मूंग दाल बर्फी
7. दशमेश सप्तम भाव में – दान पदार्थ : दही, लस्सी, छाछ, खट्मिट्ठे रसदार फल
8. दशमेश अष्टम भाव में – दान पदार्थ : तिल की मिठाईयां, काले रंग की मिठाईयां
9. दशमेश नवम भाव में – दान पदार्थ : बेसन से बनी देसी घी की मिठाईयां
10. दशमेश दशम भाव में – दान पदार्थ : मूंग और उड़द दाल पापड़
11. दशमेश एकादश भाव में – दान पदार्थ : चना उड़द मिक्स दाल, चना उड़द पापड़
12. दशमेश द्वादश भाव में – दान पदार्थ : चना उड़द मिक्स दाल, चना उड़द पापड़