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रक्षाबंधन

रक्षाबंधन एक प्रमुख हिन्दू त्यौहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. भारत में इसे कहीं कहीं श्रावणी भी कहते हैं. रक्षाबंधन आग्रह, संकल्प और वचनबद्धता का त्यौहार है. बहनें भाईयों को राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं. दोनों के मध्य उपहारों का आदान प्रदान होता है.
माताओं बहनों द्वारा सैनिकों, शासकों और गुरुजनों को भी राखी बांधने की परंपरा है जिसमें यही निहितार्थ है.

बहनें इस दिन व्रत रखती हैं और तभी कुछ खाती पीती हैं जब वे अपने भाई को राखी बांध लेती हैं. अपनों को रिश्तों और आग्रहों में बांधे रखने का बहुत ही पावन त्यौहार है रक्षाबंधन. यह व्यक्ति को उसके कर्तव्य की याद भी दिलाता है.

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राखी का त्यौहार कब शुरू हुआ यह कोई नहीं जानता. लेकिन भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि देव और दानवों में जब युद्ध शुरू हुआ तो दानव हावी होते नज़र आने लगे तब भगवान इन्द्र घबरा कर गुरु बृहस्पति के पास पहुंचे. वहां बैठी इन्द्र की पत्नी इंद्राणी सब सुन रही थी उन्होंने रेशम का धागा मन्त्रों की शक्ति से पवित्र करके अपने पति के हाथ पर बांध दिया संयोग से वह श्रावण पूर्णिमा का दिन था. लोगों का विश्वास है कि इन्द्र इस लड़ाई में इसी धागे की मन्त्र शक्ति से ही विजयी हुए थे. उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह धागा बांधने की प्रथा चली आ रही है. यह धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने में पूरी तरह समर्थ माना जाता है.
इस वर्ष यह पर्व 18 अगस्त को मनाया जा रहा है.