Monthly Archives: January 2016

मकर संक्रांति 2016

मकर संक्रांति भारतवर्ष का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है.

भगवान भास्कर के धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश पर इसे मनाया जाता है. इसी दिन से उत्तरायण का भी आरंभ होता है. मकर संक्रांति मूलत: दान और पुण्य स्नान का पर्व है. मौसमी खाद्य पदार्थों, वस्त्रों आदि का दान और नदियों, तीर्थों में स्नान इस पर्व की विशेषता है.

भारत में पर्व और त्यौहारों की तिथियां चंद्र पंचांग यानी चंद्रमा की गति और उसकी कलाओं पर आधारित हैं. इस पंचांग में तिथि वृद्धि और तिथि क्षय होने के कारण पर्वों त्यौहारों जैसे की महाशिवरात्रि, होली, जन्माष्टमी, नवरात्र, दीपावाली आदि की तिथियां अंग्रेजी कैलेंडर की तिथियों से मेल नहीं खाती हैं.

यह पर्व प्राय: हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है, क्योंकि भारतीय पर्वों में मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जिसका निर्धारण सूर्य की गति के अनुसार होता है. लेकिन वर्ष 2016 में मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी की बजाय 15 जनवरी को मनाया जायेगा.happy-makar-sankranti1

हिन्दू पंचांग के अनुसार जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि
में प्रवेश करता है, तो यह घटना संक्रमण या संक्राति कहलाती है.

पंचांग के अनुसार वर्ष 2016 में सूर्य 14 जनवरी को आधी रात के बाद 1 बजकर 26 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा. हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार मकर संक्रांति में पुण्यकाल का विशेष महत्व है. मान्यता है कि यदि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शाम या रात्रि में होता है, तो पुण्यकाल अगले दिन के लिए स्थानांतरित हो जाता है.

पंचांग के अनुसार वर्ष 2016 में मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से सायंकाल 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा. पुण्यकाल के स्थानांतरण के कारण वर्ष 2016 में मकर संक्रांति का महत्व 15 जनवरी को रहेगा. यही कारण है कि इस वर्ष यह पर्व 14 जनवरी की बजाय अगले दिन 15 जनवरी को मनाया जायेगा.

राहु काल तालिका

सप्ताह के सभी सातों दिनों की राहु काल तालिका इस प्रकार से है – 

वार राहु काल अवधि
रविवार 16 : 30 बजे से 18 : 00 बजे तक
सोमवार 07 : 30 बजे से 09 : 00 बजे तक
मंगलवार 15 : 00 बजे से 16 : 30 बजे तक
बुधवार 12 : 00 बजे से 13 : 30 बजे तक
बृहस्पतिवार 13 : 30 बजे से 15 : 00 बजे तक
शुक्रवार 10 : 30 बजे से 12 : 00 बजे तक
शनिवार09 : 00 बजे से 10 : 30 बजे तक