योग तालिका

वार और नक्षत्र के संयोग से नित्य ही योग बनते हैं. व्यक्ति को यदि इन योगों का ज्ञान हो तो वह कार्य विशेष हेतु सही समय का चुनाव कर अपनी उन्नति का मार्ग स्वयं प्रशस्त कर सकता है. इन योगों के ज्ञान द्वारा उसके लिए उपयोगी और अनुपयोगी समय का मूल्यांकन करना बेहद सरल हो जाता है.

योग तालिका इस प्रकार से है –

रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार
बृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार योग फल
अश्विनी मृगशिरा अश्लेषाहस्त अनुराधा उत्तराषाढ़ा शतभिषा आनंद सिद्धि
भरणी आर्द्रा मघा चित्रा ज्येष्ठा अभिजित पूर्वाभाद्रपद कालदंड मृत्यु
कृतिकापुनर्वसुपूर्वाफाल्गुनी स्वाति मूल श्रवण उत्तराभाद्रपद धूम्र कष्ट
रोहिणी पुष्य उत्तराफाल्गुनी विशाखा पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा रेवती धाता सौभाग्य
मृगशिरा अश्विनीहस्त अनुराधा उत्तराषाढ़ा शतभिषा अश्विनी सौम्य बहुसुख
आर्द्रा मघा चित्रा ज्येष्ठा अभिजित पूर्वाभाद्रपद भरणी ध्वांक्ष धनहानि
पुनर्वसु पूर्वाफाल्गुनी स्वाति मूल श्रवण उत्तराभाद्रपद कृतिका केतु दुर्भाग्य
पुष्य उत्तराफाल्गुनी विशाखा पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा रेवती रोहिणी श्रीवत्स सुख सम्पत्ति
अश्विनी हस्त अनुराधा उत्तराषाढ़ा शतभिषा अश्विनी मृगशिरा वज्र क्षय
मघा चित्रा ज्येष्ठा अभिजित पूर्वाभाद्रपद भरणी आर्द्रा मुद्गर धन नाश
पूर्वाफाल्गुनी स्वाति मूल श्रवण उत्तराभाद्रपद कृतिका पुनर्वसु छत्र राजसम्मान
उत्तराफाल्गुनी विशाखा पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा रेवती रोहिणी पुष्य मित्र पुष्टि
हस्त अनुराधा उत्तराषाढ़ा शतभिषा अश्विनी मृगशिरा आश्लेषा मानस सौभाग्य
चित्रा ज्येष्ठा अभिजित पूर्वाभाद्रपद भरणी आर्द्रा मघा पद्म धनागमन
स्वाति मूल श्रवण उत्तराभाद्रपद कृतिका पुनर्वसु पूर्वाफाल्गुनी लुम्ब धन नाश
विशाखा पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा रेवती रोहिणी पुष्य उत्तराफाल्गुनी उत्पात प्राण नाश
अनुराधा उत्तराषाढ़ा शतभिषा अश्विनीमृगशिरा आश्लेषा हस्त मृत्यु प्राण नाश
ज्येष्ठा अभिजित पूर्वाभाद्रपद भरणी आर्द्रा मघा चित्रा काण क्लेश
मूल श्रवण उत्तराभाद्रपद कृतिका पुनर्वसु पूर्वाफाल्गुनी स्वाति सिद्धि कार्यसिद्धि
पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा रेवती रोहिणी पुष्य उत्तराफाल्गुनी विशाखा शुभ सुख
उत्तराषाढ़ा शतभिषा अश्विनी मृगशिरा आश्लेषाहस्त अनुराधा अमृत सर्व सिद्धि
अभिजित पूर्वभाद्रपद भरणी आर्द्रा मघा चित्रा ज्येष्ठा मूसल धन नाश
श्रवण उत्तराभाद्रपद कृतिका पुनर्वसु पूर्वफाल्गुनी स्वाति मूल गदा रोग
धनिष्ठारेवती रोहिणी पुष्य उत्तराफाल्गुनी विशाखा पूर्वाषाढ़ा मातंग कुलवृद्धि
शतभिषा अश्विनीमृगशिरा आश्लेषा हस्त अनुराधा उत्तराषाढ़ा रक्ष महाकष्ट
पूर्वाभाद्रपद भरणी आर्द्रा मघा चित्रा ज्येष्ठा अभिजित चर कार्यसिद्धि
उत्तराभाद्रपद कृतिका पुनर्वसु पूर्वाफाल्गुनी स्वाति मूल श्रवण सुस्थिर गृहारंभ
रेवती रोहिणी पुष्य उत्तराफाल्गुनीविशाखा पूर्वाषाढ़ा धनिष्ठा प्रवर्द्धमान विवाह