योग जो कभी निष्फल नहीं होते

ज्योतिष में कुछ ऐसे समीकरण और स्थितियां हैं जिन्हें अद्भुत रूप से सदा अपना फल देते पाया गया है.

ऐसे समीकरणों में से कुछ निम्न प्रकार हैं –

मकर राशि का जातक जीवन में कम से कम एक बार भयंकर पतन जरूर झेलता है.

चतुर्थ मंगल जीवन को स्थिर नहीं होने देता. जातक सदा खुद को त्रिशंकु और खोखला सा महसूस करता है.

मकर राशि में तीन से अधिक ग्रहों की युति व्यक्ति को जीवन में पराजित और कलंकित करती है.

बृहस्पति चंद्र का परस्पर दशांतर नुक्सान और भय का फलित करता है.

मंगल शुक्र की 6 डिग्री तक की युति अवैध यौन संबंधों की गारंटी है.

मेष लग्न में धैर्य की भारी कमी होती है, इन्तजार इसके बस की बात नहीं.

लग्नस्थ शनि जीवन को संघर्षमय बना देता है. आजीविका की चुनौतियां पिंड ही नहीं छोड़तीं.

सप्तम बुध वाला जातक पारस पत्थर हो जाता है. दूसरों को तो सोना कर देता है पर खुद पत्थर ही रह जाता है.

चंद्र के साथ जब राहु शनि या शनि मंगल युति करते हैं तो चिंताएं और तनाव जीवन भर पीछा ही नहीं छोड़ते.

बृहस्पति शुक्र युति अप्राकृतिक और अस्वीकृत यौन रूचि का परिचायक हैं.