ग्रहों के रंग

प्रत्येक ग्रह का अपना रंग है.

योगकारक परन्तु निर्बली ग्रहों के रंगों का अधिकाधिक प्रयोग कर उन्हें बल दिया जा सकता है.

इसी प्रकार विपरीत फल देने वाले ग्रहों के रंग त्याग देना ही श्रेयस्कर है.

राहू और केतु दो ऐसे ग्रह हैं जिनके नियंत्रक रंग भी होते हैं. इनके नियंत्रक रंगों का प्रयोग कर इनके द्वारा दिये जा रहे बुरे फलों में काफी हद तक कमी की जा सकती है.

ग्रहों के रंग इस प्रकार से है –

ग्रह रंग नियंत्रक रंग
सूर्य नारंगी और गुलाबी
चंद्रमापीली झाईं मिश्रित सफ़ेद (ऑफ व्हाईट)
मंगल गहरा लाल
बुधहरा और तोतिया
बृहस्पतिसुनहला और पीला
शुक्रझक्क सफ़ेद (अल्ट्रा व्हाईट) और रंगबिरंगा
शनिहल्का नीला आसमानी
राहूगहरा नीला भूरा (ब्राउन)
केतुधूएं जैसा सलेटीगहरा लाल